
“पवित्र विरासत का संरक्षण, भावी पीढ़ियों को प्रेरणा”
विजन 2027: आस्था और सेवा का एक ऐतिहासिक मील का पत्थर
काशी लहरतारा – सद्गुरु कबीर प्राकट्य धाम
पंथ श्री हजूर 1008 उदित नाम साहेब – काशी लहरतारा – सद्गुरु कबीर प्राकट्य धाम के संस्थापक एवं आध्यात्मिक मार्गदर्शक
पंथ श्री हजूर 1008 उदित नाम साहेब काशी लहरतारा – सद्गुरु कबीर प्राकट्य धाम के पूज्य आध्यात्मिक मार्गदर्शक एवं प्रेरणास्रोत हैं। सद्गुरु कबीर साहेब की पावन वाणी, शिक्षाओं एवं आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन हेतु वे निरंतर समर्पित हैं। उनके मार्गदर्शन में कबीर साहेब की पावन प्राकट्य स्थली लहरतारा धाम के विकास, संरक्षण एवं सौंदर्यीकरण के लिए अनेक महत्वपूर्ण प्रयास किए जा रहे हैं। उनके दूरदर्शी नेतृत्व में प्रारंभ की गई विजन 2027 पहल का उद्देश्य इस पवित्र धाम को विश्वस्तरीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं विरासत केंद्र के रूप में विकसित करना है।
काशी लहरतारा – सद्गुरु कबीर प्राकट्य धाम
विजन 2027
आने वाली पीढ़ियों के लिए एक पावन विरासत का संरक्षण
पंथ श्री हजूर 1008 अर्धनाम साहेब जी के दिव्य आशीर्वाद एवं कबीर पंथ के पावन मार्गदर्शन में, काशी लहरतारा – सद्गुरु कबीर प्राकट्य धाम विजन 2027 परियोजना एक ऐतिहासिक पहल है, जो सद्गुरु कबीर साहेब से जुड़े सर्वाधिक पूजनीय आध्यात्मिक स्थलों में से एक के विकास, पुनरुद्धार एवं संरक्षण को समर्पित है।
इस परियोजना का उद्देश्य लहरतारा धाम को एक विश्वस्तरीय आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं तीर्थस्थल के रूप में विकसित करना है, साथ ही इसकी पवित्र विरासत को भावी पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखना है।
लहरतारा धाम के बारे में
लहरतारा धाम सद्गुरु कबीर साहेब के पावन प्राकट्य स्थल के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण आध्यात्मिक स्थान है। सदियों से भारत एवं विश्वभर के श्रद्धालु इस पवित्र धाम में आध्यात्मिक ज्ञान, शांति एवं दिव्य आशीर्वाद प्राप्त करने हेतु आते रहे हैं।
वर्ष 2027 एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक अवसर का प्रतीक है, जो इस पावन धाम के विकास कार्यों को पूर्ण कर सद्गुरु कबीर साहेब की शिक्षाओं एवं विरासत को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करने का शुभ अवसर प्रदान करता है।
विजन 2027
हमारा संकल्प काशी लहरतारा को निम्न रूप में स्थापित करना है:
• विश्व स्तर पर मान्यता प्राप्त आध्यात्मिक गंतव्य।
• ध्यान, भक्ति एवं आध्यात्मिक अध्ययन का प्रमुख केंद्र।
• सद्गुरु कबीर साहेब की विरासत को समर्पित संरक्षित धरोहर स्थल।
• पवित्र जलाशय संरक्षण एवं पर्यावरणीय संवर्धन का आदर्श मॉडल।
• विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए स्वागतयोग्य तीर्थस्थल।
परियोजना के उद्देश्य
धार्मिक अवसंरचना विकास
प्रार्थना स्थलों, मार्गों, आगंतुक सुविधाओं, भव्य प्रवेश द्वारों, सजावटी संरचनाओं एवं सहायक अवसंरचना का विकास।
पवित्र सरोवर का पुनरुद्धार
ऐतिहासिक लहरतारा सरोवर का पुनरुद्धार, सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण पर्यावरण-अनुकूल एवं सतत विकास पद्धतियों द्वारा।
विरासत संरक्षण
सद्गुरु कबीर साहेब से जुड़ी पावन धरोहर एवं कबीर पंथ की आध्यात्मिक परंपराओं का संरक्षण।
तीर्थयात्री सुविधाएँ
श्रद्धालुओं, यात्रियों एवं आगंतुकों के लिए सुरक्षित, सुलभ एवं सुविधाजनक व्यवस्थाओं का निर्माण।
पर्यावरणीय स्थिरता
हरित विकास, जल प्रबंधन एवं पर्यावरण-अनुकूल अवसंरचना के माध्यम से पवित्र स्थल की प्राकृतिक सुंदरता का संरक्षण।
वर्ष 2027 में एकत्रित होने वाले पावन आध्यात्मिक अवसर
वर्ष 2027 अनेक ऐतिहासिक एवं आध्यात्मिक उपलब्धियों का संगम है:
• पंथ श्री हजूर 1008 उदित नाम साहेब के दिव्य संकल्प (1967) के 60 वर्ष पूर्ण।
• पंथ श्री हजूर 1008 अर्धनाम साहेब की गुरु दीक्षा (1977) के 50 वर्ष पूर्ण।
• पंथ श्री हजूर 1008 मुकुन्दमणि नाम साहेब के सान्निध्य में ऐतिहासिक एकोत्तरी आरती (2007) के 20 वर्ष पूर्ण।
• पंथ श्री हजूर 1008 अर्धनाम साहेब के आचार्य गद्दी आरोहण (2007) के 20 वर्ष पूर्ण।
ये सभी पावन अवसर विजन 2027 को श्रद्धालुओं एवं शुभचिंतकों के लिए एक ऐतिहासिक आध्यात्मिक अभियान में सहभागी बनने का अद्वितीय अवसर बनाते हैं।
परियोजना बजट
काशी लहरतारा – सद्गुरु कबीर प्राकट्य धाम विजन 2027 परियोजना के समग्र विकास एवं पूर्णता हेतु अनुमानित लागत लगभग ₹4.50 करोड़ (USD 478,723) है।
इसमें निम्नलिखित प्रमुख कार्य सम्मिलित हैं:
सिविल फिनिशिंग एवं सौंदर्यीकरण कार्य
संगमरमर एवं टाइल स्थापना, त्रि-आयामी (3D) सजावटी संरचनाएँ, रंग-रोगन एवं फिनिशिंग कार्य – ₹2.00 करोड़ (USD 212,766)
संरचनात्मक एवं धातु निर्माण कार्य
एल्यूमिनियम एवं ग्लास कार्य, पाँच मुख्य प्रवेश द्वार, रेलिंग एवं अन्य संरचनात्मक तत्व – ₹0.80 करोड़ (USD 85,106)
विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था
संपूर्ण विद्युत अवसंरचना एवं सजावटी प्रकाश व्यवस्था – ₹0.75 करोड़ (USD 79,787)
पवित्र लहरतारा सरोवर विकास
जल शुद्धिकरण, लैंडस्केपिंग, पथ निर्माण एवं फ्लोटिंग फाउंटेन स्थापना – ₹0.60 करोड़ (USD 63,830)
परियोजना प्रबंधन एवं अन्य व्यय
वास्तु परामर्श, परियोजना प्रबंधन, श्रम, प्रशासन, अनुमतियाँ एवं आकस्मिक व्यय – ₹0.35 करोड़ (USD 37,234)
ये सभी निवेश इस पावन आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहर स्थल के संरक्षण, सौंदर्यीकरण एवं दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करेंगे।
(USD मूल्यांकन अनुमानित हैं एवं 1 USD = ₹94 की विनिमय दर पर आधारित हैं।)
परियोजना की सम्पूर्ण अवधि में पूर्ण पारदर्शिता एवं नियमित प्रगति रिपोर्ट सुनिश्चित की जाएगी।
इस पावन अभियान में सहभागी बनें
यह केवल दान नहीं, बल्कि सद्गुरु के श्रीचरणों में समर्पित एक श्रद्धामय अर्पण है।
हम विनम्रतापूर्वक श्रद्धालुओं, परोपकारी व्यक्तियों, धर्मार्थ संस्थाओं, CSR भागीदारों एवं विश्वभर के समर्थकों को उनकी श्रद्धा एवं सामर्थ्य अनुसार इस पावन अभियान में सहभागिता हेतु आमंत्रित करते हैं।
आपका योगदान एक अमूल्य आध्यात्मिक धरोहर के संरक्षण एवं भावी पीढ़ियों के लिए स्थायी विरासत निर्माण में सहायक होगा।
कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR)
सामाजिक एवं सांस्कृतिक प्रभाव उत्पन्न करने की इच्छुक संस्थाएँ CSR के माध्यम से इस परियोजना का सहयोग कर सकती हैं।
सहयोग के प्रमुख क्षेत्र:
• विरासत संरक्षण
• जलाशय विकास
• सामुदायिक अवसंरचना
• पर्यावरणीय स्थिरता
• तीर्थयात्री कल्याण सुविधाएँ
विशेष CSR साझेदारी एवं सम्मान कार्यक्रम उपलब्ध हैं।
दान संबंधी जानकारी
बैंक विवरण
खाता नाम: SADGURU KABIR PRAKATYA DHAM LAHARTARA
बैंक: Union Bank of India
शाखा: लहरतारा, वाराणसी, उत्तर प्रदेश, भारत
खाता संख्या: 424401010036435
IFSC कोड: UBIN0542440
SWIFT कोड: UBININBBXXX
विजन 2027 से जुड़ें
आइए, हम सब मिलकर आस्था, सेवा, आध्यात्मिक जागरण, विरासत संरक्षण एवं पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की एक अमर विरासत का निर्माण करें।
आपका आज का सहयोग एक पावन और उज्ज्वल कल का निर्माण करेगा।
“सेवा का अवसर – सद्गुरु का आशीर्वाद”




विजन 2027: सद्गुरु कबीर के प्राकट्य स्थल का संरक्षण
पवित्रता का संरक्षण, पीढ़ियों का समृद्धिकरण
📌 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ) – एक पवित्र विजन को वास्तविकता में बदलना
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
1. काशी लहरतारा – सद्गुरु कबीर प्राकट्य धाम विजन 2027 परियोजना क्या है?
विजन 2027 परियोजना लहरतारा धाम के विकास, पुनरुद्धार, सौंदर्यीकरण एवं संरक्षण हेतु समर्पित एक पवित्र पहल है। यह धाम सद्गुरु कबीर साहेब के पूजनीय प्राकट्य स्थल के रूप में श्रद्धापूर्वक माना जाता है।
2. लहरतारा धाम का आध्यात्मिक महत्व क्या है?
लहरतारा धाम सद्गुरु कबीर साहेब के दिव्य प्राकट्य से जुड़ा पवित्र स्थल माना जाता है। यह सदियों से भक्ति, आध्यात्मिक शिक्षा और तीर्थयात्रा का प्रमुख केंद्र रहा है।
3. वर्ष 2027 का विशेष महत्व क्या है?
• पंथ श्री हजूर 1008 उदित नाम साहेब के दिव्य संकल्प (1967) के 60 वर्ष पूर्ण।
• पंथ श्री हजूर 1008 अर्धनाम साहेब की गुरु दीक्षा (1977) के 50 वर्ष पूर्ण।
• पंथ श्री हजूर 1008 मुकुन्दमणि नाम साहेब के सान्निध्य में ऐतिहासिक एकोत्तरी आरती (2007) के 20 वर्ष पूर्ण।
• पंथ श्री हजूर 1008 अर्धनाम साहेब के आचार्य गद्दी आरोहण (2007) के 20 वर्ष पूर्ण।
वर्ष 2027 कई महत्वपूर्ण आध्यात्मिक अवसरों का प्रतीक है, जिनमें पंथ श्री हजूर 1008 उदित नाम साहेब, पंथ श्री हजूर 1008 अर्धनाम साहेब तथा ऐतिहासिक एकोत्तरी आरती परंपरा से संबंधित महत्वपूर्ण वर्षगाँठें शामिल हैं।
4. परियोजना के मुख्य उद्देश्य क्या हैं?
परियोजना के प्रमुख उद्देश्य हैं:
• धार्मिक अवसंरचना का विकास
• पवित्र सरोवर का पुनरुद्धार
• विरासत संरक्षण
• तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं का विकास
• पर्यावरणीय स्थिरता को बढ़ावा देना
5. परियोजना की कुल अनुमानित लागत कितनी है?
परियोजना की कुल अनुमानित लागत लगभग ₹4.50 करोड़ (USD 478,723) है।
6. प्राप्त दानराशि का उपयोग कैसे किया जाएगा?
दानराशि का उपयोग निम्न कार्यों हेतु किया जाएगा:
• सिविल फिनिशिंग एवं संगमरमर कार्य
• संरचनात्मक निर्माण एवं प्रवेश द्वार निर्माण
• विद्युत एवं सजावटी प्रकाश व्यवस्था
• पवित्र सरोवर का पुनरुद्धार एवं लैंडस्केपिंग
• परियोजना प्रबंधन एवं आधारभूत संरचना विकास
7. क्या व्यक्तिगत रूप से योगदान किया जा सकता है?
हाँ। भारत एवं विदेशों के श्रद्धालु, शुभचिंतक, परोपकारी एवं समर्थक अपनी श्रद्धा एवं क्षमता अनुसार योगदान कर सकते हैं।
8. क्या अंतरराष्ट्रीय दान स्वीकार किए जाते हैं?
हाँ। अंतरराष्ट्रीय दान SWIFT कोड एवं उपलब्ध बैंकिंग विवरणों के माध्यम से बैंक ट्रांसफर द्वारा किए जा सकते हैं (RBI दिशानिर्देशों के अनुसार)।
9. क्या UPI के माध्यम से दान किया जा सकता है?
हाँ। भारतीय बैंक खाताधारकों के लिए UPI द्वारा दान स्वीकार किए जाते हैं।
10. क्या संस्थाएँ CSR के माध्यम से सहयोग कर सकती हैं?
हाँ। कंपनियाँ एवं संस्थाएँ कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) साझेदारी के माध्यम से सहयोग कर सकती हैं।
11. CSR सहयोग के अंतर्गत कौन-कौन से अवसर उपलब्ध हैं?
CSR योगदान निम्न क्षेत्रों में किया जा सकता है:
• विरासत संरक्षण
• जलाशय विकास
• पर्यावरणीय स्थिरता
• सामुदायिक अवसंरचना
• तीर्थयात्री कल्याण सुविधाएँ
12. क्या दाताओं को परियोजना की प्रगति की जानकारी दी जाएगी?
हाँ। परियोजना समिति पूर्ण पारदर्शिता बनाए रखने तथा प्रत्येक 6 माह में प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
13. यह परियोजना आने वाली पीढ़ियों को कैसे लाभान्वित करेगी?
यह परियोजना अमूल्य आध्यात्मिक विरासत का संरक्षण करेगी, तीर्थयात्रा सुविधाओं को सुदृढ़ बनाएगी, पवित्र जलाशय का पुनरुद्धार करेगी तथा भावी पीढ़ियों के लिए एक सतत आध्यात्मिक गंतव्य का निर्माण करेगी।
14. क्या दान की कोई न्यूनतम राशि निर्धारित है?
नहीं। सभी प्रकार एवं राशि के योगदान का स्वागत एवं सम्मान किया जाता है।
15. क्या दाता अपने प्रियजन की स्मृति में योगदान समर्पित कर सकते हैं?
हाँ। विशेष समर्पण एवं सम्मान के अवसर उपलब्ध हो सकते हैं। अधिक जानकारी हेतु दाता परियोजना समिति से संपर्क कर सकते हैं।
16. मैं प्रमुख दाता (Major Donor) कैसे बन सकता हूँ?
महत्वपूर्ण योगदान या प्रायोजन अवसरों में रुचि रखने वाले व्यक्ति, ट्रस्ट, फाउंडेशन एवं संस्थाएँ सीधे परियोजना प्रबंधन टीम से संपर्क कर सकती हैं।
17. इस परियोजना की विशिष्टता क्या है?
विजन 2027 एक पीढ़ी में एक बार मिलने वाला ऐसा अवसर है जिसमें सद्गुरु कबीर साहेब की पावन प्राकट्य विरासत के संरक्षण में सहभागी बनते हुए आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय संरक्षण में योगदान दिया जा सकता है।
18. यह परियोजना अपने समर्थकों को क्या संदेश देती है?
“यह केवल एक दान नहीं है, बल्कि सद्गुरु के श्रीचरणों में समर्पित एक पावन अर्पण है तथा भावी पीढ़ियों के लिए एक दिव्य विरासत के संरक्षण में योगदान है।”
19. मैं दान कैसे कर सकता हूँ?
दान निम्न माध्यमों से किया जा सकता है:
• बैंक ट्रांसफर
• अंतरराष्ट्रीय वायर ट्रांसफर (SWIFT)
• UPI भुगतान
• CSR साझेदारी
• संस्थागत एवं परोपकारी योगदान
20. अधिक जानकारी के लिए परियोजना टीम से कैसे संपर्क करें?
दान, साझेदारी एवं प्रायोजन संबंधी जानकारी हेतु इच्छुक दाता, CSR प्रतिनिधि एवं समर्थक काशी लहरतारा – सद्गुरु कबीर प्राकट्य धाम परियोजना समिति से संपर्क कर सकते हैं।
21. क्या यह वेबसाइट सीधे दान स्वीकार करती है?
नहीं। यह वेबसाइट केवल काशी लहरतारा – सद्गुरु कबीर प्राकट्य धाम विजन 2027 परियोजना के संबंध में जानकारी एवं जागरूकता प्रदान करने हेतु बनाई गई है। वेबसाइट किसी भी प्रकार की दानराशि एकत्रित, संसाधित, प्राप्त या सुरक्षित नहीं रखती।
22. दानराशि किसे प्राप्त होती है?
सभी दान केवल “सद्गुरु कबीर प्राकट्य धाम लहरतारा” के आधिकारिक बैंक खाते में प्राप्त किए जाते हैं। सभी योगदानकर्ताओं से अनुरोध है कि वे केवल अधिकृत खाते में ही दान करें।
23. मैं कैसे सुनिश्चित करूँ कि मेरा दान आधिकारिक परियोजना खाते में जा रहा है?
दान करते समय निम्नलिखित आधिकारिक खाते की पुष्टि अवश्य करें:
खाता नाम: SADGURU KABIR PRAKATYA DHAM LAHARTARA
बैंक: Union Bank of India, Lahartara Branch
खाता संख्या: 424401010036435
IFSC कोड: UBIN0542440
SWIFT कोड: UBININBBXXX
24. क्या मैं किसी अन्य खाते या मध्यस्थ के माध्यम से दान कर सकता हूँ?
नहीं। पारदर्शिता एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए दान केवल “सद्गुरु कबीर प्राकट्य धाम लहरतारा” के आधिकारिक बैंक खाते में ही किया जाना चाहिए। परियोजना वेबसाइट, स्वयंसेवक अथवा सूचना सहयोगी संस्था की ओर से कोई दान स्वीकार नहीं किया जाता।
25. वेबसाइट बैंक विवरण क्यों प्रदान करती है?
यह वेबसाइट परियोजना संबंधी जानकारी, विकास कार्यों की प्रगति तथा आधिकारिक दान संबंधी सूचनाएँ साझा करने हेतु एक सूचना मंच के रूप में कार्य करती है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं, समर्थकों, CSR संगठनों एवं परोपकारी व्यक्तियों को सीधे “सद्गुरु कबीर प्राकट्य धाम लहरतारा” के अधिकृत खाते में योगदान करने में सहायता प्रदान करना है।
संपर्क करें
सद्गुरु कबीर लहरतारा प्राकट्य धाम
लहरतारा, महेशपुर, डी.एल.डब्ल्यू. रोड, वाराणसी, उत्तर प्रदेश – 221002, भारत
संपर्क
Keshav Das Saheb :- +919450105060 Santosh das saheb :- +919450544887
hajursaheb@gmail.com
